वे 5 कौशल जो आपको अपने सपनों की नौकरी दिलाएंगे

प्रतियोगिता हर क्षेत्र में है। यह वो एक चीज़ है जिससे आप कभी दूर नहीं रह सकते! हम सब अपने सपनों की नौकरी पाकर एक सुखमय जीवन व्यतीत करना चाहते है। परंतु बढती प्रतियोगिता के चलते अपने सपनों की नौकरी पाना एक सपना ही बनता जा रहा है। हालांकि अगर आप अपने आपको समय के साथ बदल कर खुद में कुछ उपयोगी कौशल विकसित कर सकते है तो आपका यह सपना जरुर साकार होगा। यह वे कौशल है जो हर नियोक्ता अपने कर्मचारी में देखना चाहता है। जरुरी नहीं है कि यह सभी कौशल आप में पहले से मौजूद हो। लेकिन सीखने की लगन से आप इन सभी को सीख सकते है। असल में “सीखने की इच्छा” इन कौशलों में से सबसे महत्वपूर्ण और उपयोगी कौशल है!

नया सीखने की चाह
आज के जमाने में हर कर्मचारी से विभिन्न प्रकार की क्षमताओं की उम्मीद की जाती है। हो सकता है कि आपको कोई ऐसा कार्य दिया जाये जिसमे बारे में आपको पहले से जानकारी न हो। इसी लिए आप में नयी चीज़े सीखने की चाह होना जरुरी है। बदलते हुए जमाने में आप को सफल बनानेमें यह कौशल उपयोगी है। जब भी आप किसी इंटरव्यू में जाएं तो हमेशा नया सीखने की उत्सुकता को जताएं।

समस्याओं को सुलझाना और गहन सोच रखना
हर दिन एक नई समस्या लेकर आ सकता है। ऐसे समय में उलझन में पड़ने की बजाय शांत दिमाग से समस्या का हल करना जरुरी है। इस हल को पाने के लिए आपको हर चीज़ के बारे में गहन सोच करने की आदत डालनी जरुरी है। तार्किक और गहन सोच से आप मुमकिन हलों को ढूँढ सकते है, उनमे से सही हल को चुन सकते है और उसे लागू भी कर सकते है।

नेतृत्व क्षमता
अगर आप कोई ऊँचे पद पर न भी हो, तब भी आपसे नेतृत्व क्षमता की उम्मीद की जाती है। नेतृत्व क्षमता का मतलब है आपमें कठिन कार्यो की जिम्मेदारी उठाने की चाह होनी चाहिए। किसी भी कार्य को सम्पूर्ण करने के लिए किसी और पर निर्भर न रहकर खुद की काबिलियत पर विश्वास होना चाहिए। हर नियोक्ता चाहेगा कि उसका कर्मचारी दूसरों के लिए मिसाल बने। नेतृत्व की क्षमता विकसित करने के लिए अपनी सोच को सकारात्मक रखे और मुसीबतों से घबराएँ नहीं।

बातचीत का कौशल
कर्मचारियों को हर दिन बहुत से लोगों से बात करनी पड़ती है, कई ईमेल के जवाब देने पड़ते है, रिपोर्ट और प्रपोजल बनाने पड़ते है। अगर आप इन सभी चीजों में महारथ पाना चाहते है तो आपका बातचीत का कौशल अच्छा होना जरुरी है। बातचीत का अच्छा कौशल आपकी विश्वसनीयता और लोकप्रियता बढाता है।

ईमानदारी
ध्यान रखे कि इंटरव्यू के वक्त दी गई आपकी हर जानकारी सही है। नौकरी पाने के लिए कभी झूठ का सहारा न लें। नियोक्ता आपके द्वारा दी गई जानकारी का प्रति-परिक्षण कर सकता है। आपके द्वारा बोला गया झूठ आपकी विश्वसनीयता को कम करता है और नियोक्ता के मन में आपके बारे में नकारात्मक सोच पैदा कर सकता है। अगर आप में किसी क्षमता का आभाव है तो खुलकर नियोक्ता को यह बता दे। इससे उन्हें आपकी सच्चाई के बारे में पता चलेगा और हो सकता है कि वो आपकी कमी को नजरअंदाज कर दे!

हमें उम्मीद है कि अगली बार इंटरव्यू में जाते समय आप खुद में इन महत्त्वपूर्ण कौशल को विकसित कर सकेंगे और मनचाही सफलता पा सकेंगे।

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